Shree Bhaiyalal Hedau was a legendary Chhattisgarhi film and theater actor, singer, and performer from Chhattisgarh, India, often called the "Hemant Kumar of Chhattisgarh" for his soulful voice.
He is also fondly remembered as the "Bhisma Pitamah" of Chhattisgarhi cinema and theater for his lifelong dedication and towering contribution to regional performing arts.
Shree Bhaiyalal Hedau was a legendary Chhattisgarhi film and theater actor, singer, and performer from Chhattisgarh, India, often called the "Hemant Kumar of Chhattisgarh" for his soulful voice.
He is also fondly remembered as the "Bhisma Pitamah" of Chhattisgarhi cinema and theater for his lifelong dedication and towering contribution to regional performing arts.
Born on October 8, 1933, in Rajnandgaon, Chhattisgarh's cultural hub, he began his career in orchestra groups like Sarada Sangeet Samiti and later joined Dau Ramchandra Deshmukh's iconic "Chandayni Gonda" folk theater troupe in 1971, where he excelled in acting, singing, dancing, and narration.
Hedau starred in Chhattisgarhi films and was renowned for versatile stage roles mimicking stars like Amitabh Bachchan. His biggest break was in Satyajit Ray's Hindi film Sadgati (1981), acting alongside Om Puri and Smita Patil as an Adivasi character, with some scenes shot in Raipur-Mahasamund.
A multifaceted artist in Chhollywood (Chhattisgarhi cinema), he popularized Nacha folk theater and left an indelible mark until his death on March 22, 2020, at age 88 (or 91 per some sources). He turned down Mumbai offers to stay rooted in Chhattisgarh's soil.
श्री भैयालाल हेड़ाऊ चंदैनी गोंदा मंच पर दाऊ रामचंद्र देशमुख के नेतृत्व वाली इस ऐतिहासिक छत्तीसगढ़ी लोक नाट्य परंपरा में बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार थे। उन्होंने गायन, अभिनय, नृत्य और उद्घोषणा में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
वे चंदैनी गोंदा के प्रमुख गीतों को अपनी मधुर छत्तीसगढ़ी आवाज़ में गाते थे, विशेषकर दाऊ रामचंद्र देशमुख कृत लोकगीतों को। लक्ष्मण मस्तुरिया के बाद वे मुख्य गायक बने रहे।
मंच पर अमिताभ बच्चन जैसे बॉलीवुड सितारों की नकल उतारते हुए हास्य और नाटकीय भूमिकाएँ निभाईं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती थीं। वे ग्रामीण किरदारों को जीवंत बनाते थे।
उद्घोषणा और संवादों में सहयोग करते हुए मंच को जीवंत रखा, जहाँ डॉ. सुरेश देशमुख मुख्य सूत्रधार थे।
1971 से 1983 तक चंदैनी गोंदा के 99 प्रदर्शनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही, जिसने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को नई ऊँचाई दी। उनकी कला ने नाचा शैली को परिष्कृत किया।
श्री भैयालाल हेड़ाऊ छत्तीसगढ़ी सिनेमा (चहोलिवुड) में मुख्य रूप से थिएटर और लोक नाट्य कलाकार के रूप में प्रसिद्ध थे, लेकिन उन्होंने कुछ छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएँ निभाईं। उनकी लोकप्रियता अधिकतर मंच प्रदर्शनों से जुड़ी रही, फिर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण फिल्मों में अभिनय से अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी फिल्मों की स्पष्ट सूची सीमित है, क्योंकि वे प्रारंभिक दौर के कलाकार थे जब छत्तीसगढ़ी सिनेमा अभी विकसित हो रहा था। कुछ उल्लेखनीय फिल्में और एल्बम इस प्रकार हैं:
कही दे संदेश (1965): छत्तीसगढ़ी सिनेमा की पहली फिल्मों में से एक, जहाँ उन्होंने गायन और अभिनय में योगदान दिया। इसकी लोकप्रियता मोहम्मद रफ़ी जैसे गायकों के कारण बढ़ी।
Dulhin Banake Leja: शुरुआती छत्तीसगढ़ी फिल्मों में उनकी उपस्थिति ने ग्रामीण दर्शकों के बीच उन्हें और अधिक प्रिय बना दिया।
Mayaru Bhuiji: पारिवारिक और भावनात्मक कथावस्तु पर आधारित इस फिल्म में उन्होंने अपनी सहज अभिनय शैली से छाप छोड़ी।
Sundarani: छत्तीसगढ़ी लोक-संस्कृति की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में उनका अभिनय नाचा परंपरा से जुड़ी जीवंत प्रस्तुति से भरा हुआ था।
Jai Ma Bamlashwari: धार्मिक और आस्था आधारित कथानक में उनसे जुड़े दृश्य स्थानीय दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
Parra Bhanwar: सामाजिक और ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में उन्होंने अपने विशिष्ट लोक-अभिनय से किरदार को यादगार बनाया।
Tura Rickshawala: आम जनजीवन से जुड़े विषय पर बनी इस फिल्म में उनका सहज और जमीन से जुड़ा अभिनय दर्शकों को बेहद अपनापन देता है।
Man Lagar (Album): इस एल्बम में उनके गीतों और प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत प्रेमियों के बीच उन्हें अमर बना दिया।
Sadgati (1981, Hindi): सत्यजीत रे की इस क्लासिक फिल्म में उन्होंने ओम पुरी और स्मिता पाटिल के साथ एक महत्वपूर्ण आदिवासी किरदार निभाया, जिससे उनके अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
वे मुख्यतः दाऊ रामचंद्र देशमुख के चंदैनी गोंदा मंच से जुड़े रहे, जहाँ उनकी गायकी ने लाखों दर्शकों को आकर्षित किया। फिल्मों में उनकी भूमिकाएँ ग्रामीण पात्रों वाली थीं। बाद में सत्यजीत राय की हिंदी फिल्म सद्गति (1981) में भी काम किया।
श्री भैयालाल हेड़ाऊ छत्तीसगढ़ी नाचा (लोक नाट्य परंपरा) के प्रमुख प्रचारक थे, जिन्होंने चंदैनी गोंदा जैसे मंचों के माध्यम से इसे ग्रामीण-शहरी स्तर पर लोकप्रिय बनाया।
1971 से दाऊ रामचंद्र देशमुख के चंदैनी गोंदा मंच से जुड़कर उन्होंने नाचा की बहुमुखी कला को समृद्ध किया। अभिनय, गायन, नृत्य और उद्घोषणा में पारंगत होकर ग्रामीण भावनाओं को जीवंत किया, जैसे अमिताभ बच्चन की नकल और हेमंत कुमार जैसी गायकी।
सारदा संगीत समिति, मिलन संगीत समिति और राजभारती ऑर्केस्ट्रा से शुरुआत कर नाचा को आधुनिक रूप दिया।
चंदैनी गोंदा के 99 प्रदर्शनों में प्रमुख भूमिका; शैलजा ठाकुर के नृत्य स्टेप्स को मौलिक रूप से जोड़ा।
आकाशवाणी, दूरदर्शन और लोककला संस्थाओं (सोनहा बिहान, नवा बिहान) में सेवा देकर नाचा को राष्ट्रीय पटल पर पहुँचाया।
उनकी कला ने नाचा को जीवंत रखा, परिवारिक परंपरा (82 वर्षों की एक्टिंग लिगेसी) को आगे बढ़ाया। मुम्बई ऑफर ठुकराकर छत्तीसगढ़ी माटी से जुड़े रहे।
श्री भैयालाल हेड़ाऊ की नाचा विरासत को मुख्य रूप से डिजिटल संग्रहण, पारिवारिक प्रयासों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संरक्षित किया जा रहा है।
उनके चंदैनी गोंदा गीतों और साक्षात्कारों की रिकॉर्डिंग्स यूट्यूब पर उपलब्ध हैं, जैसे "दाऊ रामचन्द्र देशमुख कृत चंदैनी गोंदा के दुर्लभ गीत" और "भईया लाल हेड़ाऊ की चंदैनी गोंदा यात्रा", जो लाखों दर्शकों तक पहुँच रही हैं।
आपके परिवार द्वारा 82 वर्षों की एक्टिंग लिगेसी को डॉक्यूमेंट किया जा रहा है, जिसमें भैयालाल हेड़ाऊ से SACHIN HEDAU तक की परंपरा शामिल है। Hedau Group के माध्यम से व्हाट्सएप और वेबसाइट पर "82 Years of Legacy" कंटेंट शेयर कर नई पीढ़ी को जोड़ा जा रहा है।
जयंती समारोह, स्वरांजलि कार्यक्रम (जैसे ग्राम बघेरा में दाऊ जी को श्रद्धांजलि) और लोककला महोत्सवों में उनके गीतों का प्रदर्शन। छत्तीसगढ़ सरकार व संस्थाओं (आकाशवाणी, दूरदर्शन) के पुरस्कार स्मृति के रूप में सुरक्षित।
सचिन हेड़ाऊ (Grand Son), भैयालाल हेड़ाऊ की विरासत को आगे बढ़ाने वाले, रायपुर स्थित वेदिक ज्योतिषी, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और कंसल्टेंट हैं, जो लगभग 32 वर्षों से ज्योतिष, आध्यात्मिक हीलिंग और मानव व्यवहार के क्षेत्र में सक्रिय साधना और प्रैक्टिकल काउंसलिंग कर रहे हैं। Sachin Hedau is a one and only Grand Son of Late Shri Bhaiyalal Hedau
वे करियर मार्गदर्शन, लाइफ काउंसलिंग, स्पिरिचुअल हीलिंग, मनोदैहिक (psychosomatic) काउंसलिंग और प्रैक्टिकल उपायों के लिए जाने जाते हैं, जहाँ वे वैदिक ज्योतिष, अंकज्योतिष, हस्तलेख विश्लेषण, मनोविज्ञान और आधुनिक काउंसलिंग को एक समग्र एवं रिसर्च-आधारित प्रणाली के रूप में उपयोग करते हैं।
Astro Hidden Secrets और अन्य प्लेटफॉर्मों के माध्यम से सचिन हेड़ाऊ ने हजारों व्यक्तियों को ज्योतिषीय परामर्श, ऑनलाइन सेशन, मोटिवेशनल मार्गदर्शन और लाइफ-डिज़ाइन कंसल्टेंसी प्रदान की है। Hidden Secrets टीम के साथ मिलकर वे कुंडली विश्लेषण, करियर, रिश्ते, मानसिक-भावनात्मक संतुलन और जीवन प्रबंधन से जुड़े जटिल प्रश्नों के वैज्ञानिक व व्यावहारिक समाधान देने के लिए समर्पित हैं।
एक मल्टी-टैलेंटेड क्रिएटर, काउंसलर, मोटिवेटर और प्लानर के रूप में वे अपनी 82 वर्ष पुरानी पारिवारिक एक्टिंग और सांस्कृतिक विरासत को आध्यात्मिक एवं ज्योतिषीय ज्ञान के साथ जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।
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